
मुंबई (अनिलकुमार पालीवाल): कौशल, रोजगार, उद्यमिता एवं नवोन्मेष विभाग की ओर से युवाओं को उद्योग-संगत और रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण देने के उद्देश्य से “मुख्यमंत्री अल्पावधि रोजगारक्षम पाठ्यक्रम” यह अभिनव योजना प्रारंभ की जा रही है। इस महत्वाकांक्षी कार्यक्रम का ऑनलाइन उद्घाटन माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदीजी के हस्ते 8 अक्टूबर 2025 को किया जाएगा। इस संबंध में विभाग के कैबिनेट मंत्री श्री मंगलप्रभात लोढ़ा ने आज मंत्रालय में आयोजित पत्रकार परिषद में ही जानकारी दी।
इस उपक्रम के उद्घाटन अवसर पर राज्यभर में 600 स्थानों पर कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा, जिनमें विश्वकर्मा समाज के कारीगर, स्थानीय कलाकार एवं पारंपरिक व्यवसाय से जुड़े विशेषज्ञों को प्रमुख अतिथि के रूप में आमंत्रित किया जाएगा। इस माध्यम से उनके योगदान को सम्मान मिलेगा तथा समाज में पारंपरिक कौशल के प्रति सम्मान और गौरव की भावना बढ़ेगी।
इस कार्यक्रम के अंतर्गत राज्य के 419 शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) और 141 शासकीय तकनीकी विद्यालयों में कुल 2,506 बैच प्रारंभ किए जाएंगे। इस माध्यम से चालू वर्ष में 75,000 प्रशिक्षणार्थियों को रोजगारक्षम कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा, जबकि अगले वर्ष से यह संख्या 1 लाख प्रशिक्षणार्थियों तक बढ़ाने का संकल्प विभाग ने लिया है।
इस योजना के माध्यम से कौशल शिक्षण का विकेंद्रीकरण (Decentralisation) किया जा रहा है तथा पाठ्यक्रमों का चयन स्थानीय मांग और जनहित की आवश्यकताओं के अनुसार किया गया है। प्रत्येक जिले की संस्था प्रबंधन समितियां (IMC) स्थानीय स्तर पर ये पाठ्यक्रम संचालित करेंगी, जिससे शिक्षण की योजना, कार्यान्वयन और गुणवत्ता नियंत्रण में स्थानीय सहभागिता और उत्तरदायित्व बढ़ेगा।
श्री लोढ़ा ने कहा कि, “उद्योगों की बदलती मांग के अनुसार राज्य के युवाओं को आधुनिक कौशल प्रशिक्षण देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना इस योजना का प्रमुख उद्देश्य है। ग्रामीण क्षेत्रों के युवक तथा महिला उम्मीदवारों को स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षण के माध्यम से स्वयंरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना इस योजना की विशेषता है।”
प्रवेश प्रक्रिया और पात्रता
इस कार्यक्रम के लिए प्रवेश प्रक्रिया पूर्णतया ऑनलाइन माध्यम से की जा रही है। इच्छुक उम्मीदवारों को https://admission.dvet.gov.in इस वेबसाइट पर पंजीकरण करना होगा। प्रशिक्षण शुल्क प्रति माह ₹1,000 से ₹5,000 तक निर्धारित किया गया है। 25% सीटें संस्थान के प्रशिक्षणार्थियों के लिए आरक्षित रखी गई हैं तथा शेष सीटें बाहरी उम्मीदवारों के लिए खुली रहेंगी। इन पाठ्यक्रमों के लिए आईटीआई के वर्तमान एवं उत्तीर्ण विद्यार्थी, साथ ही 10वीं, 12वीं, डिप्लोमा या स्नातक शिक्षा प्राप्त कर रहे विद्यार्थी पात्र होंगे।
उभरते क्षेत्रों में प्रशिक्षण
इस कार्यक्रम के अंतर्गत आधुनिक तकनीक से जुड़े पाठ्यक्रमों को शामिल किया गया है, जिनमें एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग, ड्रोन टेक्नोलॉजी, इलेक्ट्रिक वाहन, सौर ऊर्जा, साइबर सुरक्षा, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ग्रीन हाइड्रोजन, मोबाइल रिपेयरिंग तकनीशियन, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर आदि विषय शामिल हैं।
महिला उम्मीदवारों के लिए 364 विशेष बैच तथा उभरते क्षेत्रों के लिए 408 विशेष बैच प्रारंभ किए जाएंगे। गडचिरोली, लातूर, नागपुर और अमरावती में स्थानीय उद्योग आवश्यकताओं के अनुसार विशेष प्रशिक्षण केंद्र शुरू किए जाएंगे। साथ ही नाशिक में होने वाले कुंभ मेले को ध्यान में रखते हुए “वैदिक संस्कार जूनियर असिस्टेंट” यह विशेष पाठ्यक्रम भी प्रारंभ किया जाएगा।
श्री लोढ़ा ने आगे कहा, “कौशल प्रशिक्षण केवल रोजगार प्राप्ति का साधन नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता की दिशा में परिवर्तन की प्रक्रिया है। ‘मुख्यमंत्री अल्पावधि रोजगारक्षम पाठ्यक्रम’ यह उपक्रम महाराष्ट्र के कौशल विकास क्षेत्र में एक नया अध्याय लिखेगा।”
अधिक जानकारी के लिए:
व्यवसाय शिक्षण एवं प्रशिक्षण संचालनालय, महाराष्ट्र राज्य
पंजीकरण वेबसाइट: https://admission.dvet.gov.in
निकटतम शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान या शासकीय तकनीकी विद्यालय से संपर्क करें।
